IMD Alert: UP में 23 जून को ऑरेंज अलर्ट, तेज आंधी और भारी बारिश का खतरा

IMD Alert: UP में 23 जून को ऑरेंज अलर्ट, तेज आंधी और भारी बारिश का खतरा
जून 19 2026 प्रदीप विश्वकर्मा

जून की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से त्रस्त देश के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश, में मौसम का रुख बदलने वाला है। विभाग ने 17 से 23 जून तक कई राज्यों में तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना जताई है। यह बदलाव न सिर्फ तपिश से राहत दिला सकता है, बल्कि साथ ही प्रलयंकारी तूफानों का खतरा भी ला रहा है।

यहाँ बात सिर्फ थोड़ी ठंडक की नहीं है। IMD के लखनऊ केंद्र के अनुसार, एक 'मजबूत वेदर सिस्टम' सक्रिय हो रहा है। इसका सीधा असर पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश पर पड़ेगा। लोगों को सतर्क रहना होगा क्योंकि हवाओं की रफ्तार 50 से 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

उत्तर प्रदेश के लिए चरणबद्ध चेतावनी

मौसम विभाग ने राज्य के लिए एक विस्तृत टाइमलाइन तैयार की है। 17 और 18 जून को स्थिति सबसे नाजुक रहेगी। इन दो दिनों में धूल भरी आंधियां चलेंगी और बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी। हवाएं 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। यह उस समय है जब लोग घरों से बाहर निकलते हैं, इसलिए सावधानी जरूरी है।

19 जून को हालात थोड़े बदल सकते हैं। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में प्री-मॉनसून की 'तगड़ी बौछारे'ं होने की उम्मीद है। अच्छी खबर यह है कि इस बारिश से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। पिछले 24 घंटों में बांदा में 43°C से अधिक का तापमान दर्ज किया गया था, जो अब कम हो सकता है।

लेकिन रुकिए, कहानी यहीं खत्म नहीं होती। 20, 21 और 22 जून के बीच एक 'गैप' या अंतराल आएगा। इन दिनों भारी बारिश कम होगी, लेकिन आर्द्रता (humidity) बढ़ जाएगी। मौसम गर्म और चिपचिपा महसूस होगा। फिर 23 जून को फिर से मौसम का मुंह बदल जाएगा।

23 जून: ऑरेंज अलर्ट और मानसून की दस्तक

सबसे गंभीर चेतावनी 23 जून के लिए है। IMD ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 'हेवी टू वरी हेवी रेन' यानी भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट रंग श्रेणी में गंभीर स्तर को दर्शाता है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस दिन मानसून की मुख्यधारा बिहार और झारखंड के रास्ते पूर्वी उत्तर प्रदेश में दाखिल हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन, यातायात और कृषि गतिविधियों पर गहरा असर पड़ सकता है। महाराजगंज, गोरखपुर, देवरिया, बलिया और वाराणसी जैसे जिलों के निवासियों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और बाढ़ जैसे हालात बनने का खतरा है।

एल नीनो और मंद मॉनसून का खेल

इस साल मानसून की प्रगति सामान्य से धीमी रही है। सामान्यतः जून के अंत तक पूरे भारत में मानसून फैल जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केरल में 4 जून को मानसून की आधिकारिक दस्तक हुई थी, लेकिन उसके बाद उसकी गति धीमी पड़ गई।

मौसम वैज्ञानिक इसे प्रशांत महासागर में देखे जा रहे मजबूत एल नीनो (El Niño) पैटर्न से जोड़ रहे हैं। एल नीनो एक जलवायु घटना है जिसमें प्रशांत महासागर के पानी का तापमान बढ़ जाता है, जिससे विश्व भर में मौसम पैटर्न प्रभावित होते हैं। भारत के संदर्भ में, यह अक्सर मानसून की तीव्रता और वर्षा के वितरण को बाधित करता है। इसी कारण इस साल गर्मी ज्यादा लंबी और भयानक रही है।

आंकड़ों और तथ्यों पर नजर

आंकड़ों और तथ्यों पर नजर

  • अधिकतम तापमान: बांदा (UP) में 43°C+
  • हवा की रफ्तार: 50-90 किमी/घंटा (क्षेत्र के अनुसार)
  • तापमान में गिरावट: 3-5°C (19 जून को अपेक्षित)
  • अलर्ट स्तर: ऑरेंज (23 जून को पूर्वी UP के लिए)
  • प्रभावित क्षेत्र: उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड

IMD लगातार अपनी 'स्पेशल डेली वेदर रिपोर्ट' और 'मॉनसून प्रोग्रेस' डेटा के माध्यम से स्थिति की निगरानी कर रहा है। उन्हें सप्ताह-दर-सप्ताह वर्षा की सक्रियता और संचयी वर्षा के आंकड़ों पर नज़र बनाए रखनी है ताकि किसानों और आम नागरिकों को सही जानकारी मिल सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

23 जून को ऑरेंज अलर्ट का क्या मतलब है?

ऑरेंज अलर्ट IMD की चेतावनी श्रेणी में गंभीर स्तर को दर्शाता है। इसका मतलब है कि संबंधित क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे बाढ़, भूस्खलन या अन्य आपदाएं हो सकती हैं। लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और बाहर निकलने से बचना चाहिए।

क्या इस बारिश से गर्मी में राहत मिलेगी?

हां, 19 जून को होने वाली प्री-मॉनसून बौछारे से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की उम्मीद है। यह उस भयानक गर्मी से कुछ राहत दिला सकती है जिससे बांदा सहित कई जिले जूझ रहे थे। हालांकि, इसके बाद आर्द्रता बढ़ सकती है।

कौन से जिलों में सबसे ज्यादा खतरा है?

पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे महाराजगंज, गोरखपुर, देवरिया, बलिया और वाराणसी में बिजली गिरने और भारी बारिश का खतरा सबसे ज्यादा है। 23 जून को मानसून की दस्तक के साथ इन क्षेत्रों में मौसम का रुख तेज हो सकता है।

एल नीनो इस मौसम को कैसे प्रभावित कर रहा है?

प्रशांत महासागर में मजबूत एल नीनो पैटर्न मानसून की गति को धीमा कर रहा है। इसका परिणाम यह हुआ है कि मानसून की आधिकारिक दस्तक के बाद भी उसकी प्रगति सामान्य से पीछे रही है, जिससे गर्मी लंबी और तीव्र रही है।

20 से 22 जून के बीच मौसम कैसा रहेगा?

इन तीन दिनों के बीच भारी बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम है, जिसे 'गैप' कहा गया है। हालांकि, इस दौरान आर्द्रता बढ़ सकती है, जिससे मौसम गर्म और चिपचिपा महसूस होगा। लोगों को उमस से निपटने की तैयारी रहनी चाहिए।